Sunday, 20 December 2015

क्यों मरते हो बेवफा सनम के लिए….
एक कद जगह भी नहीं मिलेंगे दफ़न के लिए…
मरना है तो हिन्द ये वतन के लिए मरो
हसीना भी दुपट्टा उतार देगी तुम्हारे कफ़न के लिए …

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